22 March 2015

ऐसा लगता है मुझे तू रातभर सोयी नहीं

ऐसा लगता है मुझे तू रातभर सोयी नहीं
खा कसम मेरी कि तू रातभर रोयी नहीं
बन गयी है जुल्फें तेरी उजड़ी-उजड़ी सी बहार
आँधियों में घिर के भी तू चमन से गई नहीं
ये तेरा उदास चेहरा, ये तेरी गमगीन आँखें
आने से पहले जरा तू आईने में झाँकी नहीं
हूँ मैं हैराँ देखकर कि क्या ये तेरा हाल है
इश्क में मुझपे कभी ऐसी कयामत आती नहीं
                                          विराटता तेरे लिए


No comments: